➤ निफ्ट स्नातक अक्षिता शर्मा ने सीएम सुक्खू को कलाकृति भेंट की
➤ स्पीति-लाहौल की पारंपरिक कला और हिमालयी आभूषणों का प्रदर्शन
➤ हिमाचल की विरासत को आधुनिक संदर्भों में प्रस्तुत करने का संकल्प
शिमला। निफ्ट दिल्ली की स्नातक और प्रख्यात डिजाइनर अक्षिता शर्मा ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू को एक अद्वितीय कलाकृति भेंट की, जिसने हिमाचल की समृद्ध पारंपरिक कला और संस्कृति को जीवंत रूप से प्रदर्शित किया। इस कलाकृति में विशेष रूप से स्पीति और लाहौल की लोक-संस्कृति को उजागर किया गया है।
कलाकृति की खासियत यह है कि इसमें हिमालयी आभूषणों में पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले एगेट और जैस्पर पत्थरों का प्रयोग किया गया है। ये पत्थर केवल सजावटी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक प्रतीक भी माने जाते हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने अक्षिता के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल कला नहीं, बल्कि हिमाचल की सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित करने का अद्वितीय कदम है। उन्होंने उन्हें नई उत्पाद श्रृंखलाएं विकसित करने और सार्थक सांस्कृतिक प्रदर्शनियों के आयोजन के लिए बधाई दी।
अक्षिता शर्मा, जिन्होंने वर्ष 2016 में निफ्ट दिल्ली से स्नातक किया, आज एक डिजाइनर और रचनात्मक सलाहकार के रूप में जानी जाती हैं। वह पिछले पांच वर्षों से हिमाचल के कारीगर समूहों और सरकारी निकायों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। उनका उद्देश्य शिल्प और संस्कृति को आधुनिक डिजाइन के साथ जोड़ना है ताकि यह आज की पीढ़ी के लिए प्रासंगिक बन सके।
उन्होंने गाडागुशैनी में भांग से बने पुल्ला शिल्प को पुनर्जीवित करने से लेकर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु तक के लिए विशेष उपहार तैयार किए हैं। यही नहीं, उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में भी हिमाचल का प्रतिनिधित्व कर राज्य की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया।
अपने इस मिशन को आगे बढ़ाते हुए अक्षिता अब संस्थानों, स्टार्टअप्स और कारीगर समुदायों के साथ जुड़कर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि हिमाचल का शिल्प केवल प्रदर्शनी तक सीमित न रहे, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का जीवंत हिस्सा बने।



